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Showing posts from August, 2026

राजस्थान की प्रमुख प्रागैतिहासिक सभ्यतायें

राजस्थान के प्रमुख पुरातात्विक स्थल पाषाणकालीन सभ्यता – दर (भरतपुर), बागोर (भीलवाड़ा), तिलवाड़ा (बाड़मेर)। हड़प्पा सभ्यता – कालीबंगा (हनुमानगढ़), आहड़ (उदयपुर), गिलुण्ड (राजसमंद) में। ताम्रयुगीन सभ्यता – गणेश्वर (सीकर), बालाथल (उदयपुर), नोह (भरतपुर) आदि स्थलों पर। कालीबंगा (हनुमानगढ़) – सरस्वती (दृषद्वती) नदी के तट पर (वर्तमान घग्घर नदी) विकसित। कालीबंगा का शाब्दिक अर्थ- काली चूड़ियाँ। कालीबंगा सैन्धव सभ्यता का पाँचवा महत्वपूर्ण नगर था। सर्वप्रथम खोज – 1951 ई. – अमलानन्द घोष द्वारा। 1961-69 ई. में – ब्रजवासी लाल व बालकृष्ण थापर द्वारा खुदाई। सैन्धव सभ्यता से भी प्राचीन। विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं के समकक्ष। सैन्धव सभ्यता की तीसरी राजधानी कालीबंगा थी। (पहली-हड़प्पा, दूसरी-मोहनजोदड़ो) यहाँ मकानों में साधारण चुल्हे के अलावा तन्दुरी चुल्हे के साक्ष्य भी प्राप्त हुए हैं। यहाँ से प्राप्त एक मुहर पर व्याघ्र का अंकन है जबकि सिन्धु क्षेत्र में व्याघ्र नहीं मिलता है। राजस्थान सरकार द्वारा यहाँ से प्राप्त पुरावशेषों के संरक्षण हेतु एक संग्रहालय की स्थापना की गयी। यहाँ परकोटे के बाहर एक जुते हुए खेत के अवश...